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3 reasons why health & wellness educators and studio owners burnout and crash

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“I felt so exhausted after teaching yoga classes that I just wanted to lie down on the floor and go to sleep” 

Drive for perfectionism. catching cold easily, not wanting to take classes or avoid certain clients can be initial signs of burnouts.

Tune into this podcast to bring back the healing and wellness in your health & wellness business

Transcript

अगर आप हेल्थ ऐंड वेलनेस टीचर है, योगा कोच है या न्यूट्रिशनिस्ट हैं, फिटनेस ट्रेनर हैं या फिर आपका कोई स्टुडिओ ओनर है, आप ये आपका जिम है या योगा स्टूडियो है तो इन तीन कारणों से आप हमेशा बच के रहिए क्योंकि ये आपको बर्नआउट कर सकते हैं।

यह आपको crash कर सकते हैं या passion चूस सकते हैं। तो वो तीन कारण कौन से हैं? सबसे बड़े कारण हैं ड्राइव फॉर परफेक्शनिज़्म – पर्फेक्शन। और दूसरा है द pressure to say yes to everything। हर किसी को, हर सिचुएशन में, कहीं भी आप यस बोल देते है और तीसरा सबसे मेन कारण है फेलिन गट्टू रिज़र्व फ्री टाइम फॉर योरसेल्फ तो ये तीन कारणों में हम थोड़ा और गहराई से समझते हैं तो सबसे पहला कारण है हमारा सबसे मेन कारण। द ड्राइव फॉर परफेक्शनिज़्म देखिये परफेक्शनिज़्म एक ऐसा कीड़ा है, दिमाग है जो आपको अंदर से खोखला बना देगी। पर मेरा मतलब ये है की हमें लगता है कि हमें एक तुम सब चीज़ परफेक्ट होनी चाहिए। हमारे पोस्टर्स ठीक होनी चाहिए। हमारी फ़ोरम्स ठीक होनी चाहिए। हमारा जो क्लाइंट का इक्स्पिरीयन्स है, एकदम पर्फेक्ट होना चाहिए। ये जो परफेक्शनिज़्म की ड्राइव होती है, ये कहीं ना कहीं आपको मेंटली भी और फिज़िकली भी एग्ज़ॉस्ट कर सकती है, क्योंकि फैक्ट तो ये है कि हम हर किसी की एक्सपेक्टेशन्स पे खरा नहीं उतर सकते हैं।

एक क्लाइंट, कुछ बोले गा, दूसरा क्लाइंट, कुछ बोले गा और सच तो ये है। की हमारी में अपने एक्सपेक्टेशन्स होती है तो हम खुद की एक्सपेक्टेशन पर खरा नहीं उतर सकते। कभी भी तो दूसरों की तो कैसे उतर पाएंगे? तो परफेक्शनिज़्म हमें अवॉइड करना है और अगर आप इतने एग्ज़ॉस्ट हो चूके हैं कि आपको लगता है कि अपने एक क्लास ली है, आपने योगा सिखाया है और उस क्लास के बाद में आप बस लेट जाना चाहते हैं और सोना चाहते हैं या आप कोई ज़ ली क फैन कोल्ड बहुत इजीली हो जाता है या आप चीजें करना नहीं चाहते हैं। लेकिन फिर भी किसी ना किसी तरीके से पुश करते हैं तो कहीं ना कहीं ये दिखाता है कि आप आउट हो रहे हैं। दिस इस द फर्स्ट साइन ऑफ हैविंग का बर्नआउट। तो यहाँ पे आप अपने आप को रोक सकते हैं उसके बारे में और बात करते है ना उन एक सेकंड इस थे प्रेशर टु से यह एस टु एवरीथिंग।

लेकिन जब हम नए होते है किसी भी फील्ड में हम नए होते हैं तो हम हर प्रोजेक्ट को, हर चीज़ को, हर क्लाइंट को येस बोल देते है। जब मैं स्टार्ट किया था, जैसे मैं डिजिटल मार्केटिंग में कॉपी राइटिंग में जब मैं स्टार्ट तो मैं हर एक क्लाइंट को इन्फैक्ट जब मैं मैंने थोड़ा बहुत वेट लॉस का भी क्लाइंट्स लेने थोड़े से शुरू किये थे। जब मैंने आसपास सबको बताया था कि मैं आई है वदन्ति सर्टिफिकेशन तो बहुत लोग मेरे पास आने लग गए थे। आस पड़ोस के तोंद आई वास् यू नो अड्वाइज़ इन टु देम ये करो ऐसा करो और कही ना कही मुझे रियलाइज हुआ कि आई डोंट वॉन्ट टू डू इट बट बट किसी न किसी तरीके से मैं मना नहीं कर सकता था। उनको ऐनी वेस्ट पॉइन्ट। इस जवाब नए होते हैं तब की बात अलग होती है। यू से येस टु एनी थिंग बिकॉज़ यू अर गेटिंग वैन एक्सपिरियंस आपको इक्स्पिरीयन्स मिल रहा है। तो अगर आप युवा क्लासेज ले रहे हैं इट डज नॉट मैटर की योग का स्टाइल क्या है या कौन सी फिलॉसफी है? या कितना दूरी पर है योगा सेंटर वो या क्लाइंट कितनी दूरी पर है उसके ऊपर से। अगर आप समझ लीजिये आपको कहीं अपना स्टूडियो ओपन करना है और तो पूरे साल भर वो स्टूडियो ओपन रहता है तो दीज़ थिंग्स कैन क्विकली बिकम वेरी एग्ज़िस्टिंग। फिर अगर आप न्यूट्रिशनिस्ट हैं।

तो आपको हो सकता है कि आप में बीयू डू नॉट इन जौ वर्किंग विद वन पर्टिकुलर क्लाइंट्स लेकिन आप उनको मना नहीं कर सकते हैं। बिकॉज़ यू आर्गेनिस एक टाइम तक ठीक होता है लेकिन उसके जब आप उस चीज़ को कॉन्स्टेंट ली बार बार ये लंबे टाइम के बाद करते हैं जो आपको एक्सपीरियंस मिल जाता है। देन इट बिकम्स म्वेज़ो बिकॉज़ और वहाँ पे आपको डिसाइड करना है की आपको अगला अपना जो नेक स्टेज हैं, बिज़नेस का बिज़नेस कोन एक स्टेज पर किस तरीके से लेकर जाए। आपको यही नहीं करना है की क्योंकि बहुत सारे ऑर्डर्स होते हैं, छोटे बिज़नेस होते हैं तो वहाँ पे मैनेजमेंट का काम वहा पे मार्केटिंग का काम टेक्निकल जो काम होते हैं, फिर जो लीडर्शिप काम होता है वो सारा एक ही या दो इंसान को देना होगा। कुछ इंसान को देखना पड़ता है तो एक या दो जन की जो टीम होती है उनके ऊपर बहुत ज्यादा बोझ आ जाता है। और उसी से जो है हमें हमारे ऊपर बहुत प्रेशर बिल्डर हो जाता है और वहीं से। चूहे हमारी जो एनर्जी चली जाती है, जो एनर्जी शक हो जाती है वो जो है रिफ्लेक्ट कर दिए हमारे बिज़नेस पे और इसमें ऑब्वियस्ली जब आप को रेट देना पड़ता है, सैलरी देनी पड़ती है, स्टाफ को तो हो सकता है उसके बाद में थोड़ा प्रॉफिट भी कम हुए तो वहा वो भी एक ऐडेड प्रेशर आता है।

तो ये सब चीजें और ज्यादा प्रेशर डालती है तो कहीं ना कहीं यहाँ से भी ये कॉस्ट बनता है कि हम वरना आउट करेंगे, क्रैश कर जाएंगे ना इसको इसके ऊपर मैं बात करूँगा क्योंकि कहीं ना कहीं अगर ऐसा हो रहा है तो बिज़नेस स्ट्रक्चर जो बिज़नेस मॉडल है वो एकदम गलत है। तो इस बिज़नेस मॉडल के ऊपर भी मैं बात करूँगा। थोड़ी देर में उससे पहले हम तीसरा ले लेते हैं। तीसरा रीज़न सबसे बड़ा ये होता है की हम अपने लिए ही टाइम में निकालते हैं ना आपको बहुत लोगों को लगता है कि अरे अगर आप फिटनेस क्लास ले रहे हैं तो आप डेफिनिट्ली यू आर। टेकिंग टाइम आउट फॉर योर सेल्फ आप सेल्फ केर के लिए जून टाइम होता है, जिसकी जीस तरीके से हम मार्केटिंग करते ही हैं। फिटनेस की हेल्थ की वो टाइम तो आपका ऑब्वियस्ली निकल गया। है। राइट बट ऐसा नहीं होता है आपको कहीं ना कहीं अपने लिए खुद के लिए जहाँ पर आप ऐसा टाइम निकालना है जहाँ पर आप कुछ नहीं कर रहे हैं। सिर्फ आप अपने साथ है तो ऐसा फ्री टाइम जब हम नहीं निकालते हैं तो उससे जो हमारा बर्नआउट होता है, जो स्ट्रेस लेवल होता है, जो एंजाइटी होती। है। वो और बढ़ जाती है और ये चीजें हमारे चेहरे पर भी दिखाई देती है।

हमारे आँखों में जो गड्ढे हो जाते हैं, इस वजह से जब हम बहुत ज्यादा ओवर काम करते हैं, क्रैश कर जाता है, बर्न आउट कर जाते हैं तो ये हमारे चेहरे पर भी दिखाई देता। ओर जो है इसका एक गलत। नुकसान एक ही एक और होता है और वो यह होता है जब हम अपने लिए टाइम ही निकल पाते हैं। इसका मतलब ये हो जाता है कि हम बिज़नेस के लिए भी टाइम नहीं निकाल पा रहे हैं। देखिये बिज़नेस क्या है बिज़नेस एक तरीके से हमारा अगर मैं कहूँ इट्स लाइक बेबी। हम बिज़नेस के लिए टाइम निकालते हैं, ठीक हैं वो बात अलग है की आप कन्टेन्ट बना रहे हैं, थोड़ी मार्केटिंग कर रहे हैं, बट आपको अलटिमेटली बिज़नेस पे स्ट्रैटेजी बनानी पड़ेगी। मार्केट में क्या चल रहा है, मार्केट में क्या काम नहीं कर रहा है, जो काम नहीं कर रहे हैं कि जो काम चेंज नहीं कर रही है, क्या हम उसी को ही तो नहीं कर रहे हैं? बार बार तो ये सब चीजे हमे जो है, स्ट्रैटिजी के लिए हमें अलग से टाइम निकालना पड़ता है, उस चीज़ का राइट जब हम वोही टाइम नहीं निकाल पाएंगे, बिज़नेस को वो वाला स्ट्रैटिजी टाइम नहीं दे पाएंगे तो बिज़नेस ग्रोथ कैसे करेगा?

यही मिस्टेक बहुत सारे लोग करते हैं, बहुत सारे हेल्थ ऐंड वेलनेस के टीचर्स करते हैं और यहाँ पर वो जो मिस्टेक करते। वही कही ना कही उनको बिज़नेस में एक वाली फ़ीलिंग में वो बिज़नेस अपना बड़ा नहीं कर पाते तो अगर आप बहुत ज्यादा वन ऑन क्लाइंट्स ले रहे हैं और बहुत ज्यादा बहुत सारी क्लासेज। ले रहे हैं। तो कहीं ना कहीं अब आपका एक सबसे पहला काम ये है की अपने लिए थोड़ा सबसे पहले आप टाइम निकाल लें जहाँ पे आप कुछ भी नहीं कर रहे हैं जहाँ आप जहाँ पे आप आराम कर रहे हैं, दिमाग को आराम कर रहे हैं, वो भी मैं तो कहता हूँ अगर आपको टीवी देख रहे हैं इवन दट। इस फाइन कोई अपने जो आपको पसंद है जो आपको रिलैक्स करे चीज़ वो आप वो चीज़ देखिए।

फिर बिज़नेस के लिए थोड़ा स्ट्रैटिजिक बिज़नेस स्ट्रैटिजी के लिए आप टाइम निकालिये। बिज़नेस के ऊपर काम करने के लिए आप टाइम निकालिये। अब तक तो आप बिज़नेस के अंदर काम कर रहे थे लेकिन अब आपको बिज़नेस के ऊपर काम करना है। कहने का मतलब ये है की आपको स्ट्रैटिजी देखनी है। आपको ये देखना है की मार्केटिंग में क्या काम कर रहा है। आपको ये देखना है की प्रॉडक्ट अगर आप बना प्रॉडक्ट बनाए तो वो किस तरीके से काम करेगा? तो आपको एक ओवरऑल एक लीडरशिप की जो यू है, एक ओवरऑल वायु है, वो आपको रख ले के रखेंगे। बोले, आपको लेना है। तो यह तीन तरीके हैं जिनसे आप अपने आप को एग्ज़ॉस्ट कर लेते है, बर्न आउट कर लेते हैं, उनसे हमेशा बचके रहेगा और आपको ज्यादा जानना है की एग्ज़ैक्ट्ली किस तरीके से आपको सक्सेसफुल बिज़नेस स्ट्रैटेजी बनानी है तो मैं एक कर रहा हूँ अभी तक फ्री है। अगर कुछ इसका चार्ज भी करूँगा तो बहुत ज्यादा चार्ज नहीं करूँगा। तो आप जो बाइओ में लिंक है, जो इसके पॉडकास्ट के नीचे मैं जो लिंक रहेगा अदर्वाइज़ यू कैन गो टु.कॉम ओऐसिस मनीष निर्वाल, एनआईआर डब्ल्यू ए एल.कॉम तो वहाँ पे जाके मेरे वर्कशॉप पर रजिस्टर कीजिए। आई वॉन्ट टू। मीट यू लाइन।

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